क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार (CAB)

सचिव आदित्य वर्मा ने भारत के गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख कर बिहार के खिलाड़ियों के प्रति चिंता जताई है। जिसमें इस समय चल रहे बीसीए विवाद को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि बीसीए में जीतकर आए सभी पदाधिकारी अपने हितों में व्यस्त हैं और बीसीए सचिव संजय कुमार को को 31 जनवरी से ही बीसीए से अलग कर लगातार बीसीए अध्यक्ष और संयुक्त सचिव के कदाचार की खबरें जोरों पर हैं। इसी बीच आदित्य वर्मा का ये पत्र बिहार क्रिकेट पर सवाल खड़ा कर रहा है।

बिहार के जूनियर सिनियर पुरूष महिला क्रिकेट खिलाड़ियों ने बिहार क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व बीसीसीआई के द्वारा प्रायोजित क्रिकेट प्रतियोगिता में किया था । बीसीसीआई के द्वारा वर्तमान बिहार क्रिकेट संघ के बैंक खाते में बिहार क्रिकेट के विकास के लिए 10.80 करोड़ रुपये की राशि भी पिछले साल भेज दिया गया था, लेकिन कोरोना जैसे महामारी के समय जब हर परिवार के उपर एक आर्थिक परेशानी आ गया है ऐसी परिस्थिति मे भी बिहार क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ियों के टीए डीए मैच फी का भुगतान बिहार क्रिकेट संघ के पदाधिकारीयों के द्वारा नहीं किया गया है ।

बहुत ही दुख साथ मुझे यह कहना पड़ रहा है कि बिहार क्रिकेट संघ के वर्तमान अध्यक्ष जो अपने आप को आपका नजदीकी बता कर सब पर धौंस जमा के रखा है। बीसीसीआई से मिले करोड़ो रूपए का दुरुपयोग जिस प्रकार इन श्रष्ट लोगों ने किया है उसकी कोई मिशाल नही है। मैने बीसीसीआई के वर्तमान अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारीयों को इस बात की सूचना अनेक बार मेल के माध्यम से कर चुका हूँ, लेकिन सबसे दुखद यह है कि देश के सबसे तीसरे बड़े राज्य बिहार के खिलाड़ियों के न्याय के लिए गुहार लगा लगा के थक चुका हूँ ।

मन मे एक शंका बनी थी कि कहिं आप हि के नाम का सहारा ले कर बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष तो अभी तक अपने आप को सुरक्षित नही रखे हुए है, क्योंकि बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त वर्तमान बिहार क्रिकेट संघ एक अवैध संस्था है यह माननीय सुप्रीम कोर्ट का अवमानना है तत्कालिन बीसीसीआई के सीओए प्रमुख विनोद राय ने इसको सुप्रीम कोर्ट मे बहस के दौरान यह तथ्य छुपा लिया था कि 18 जुलाई 2016 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक मे बीसीए एक गैर निबंधित संस्था है।

मेरी आपसे करबध निवेदन है कि बीसीसीआई के द्वारा सर्व प्रथम कोरोना के कारण आर्थिक परेशानी झेल रहे बिहार के क्रिकेटरों के टीए डीए मैच फी का भुगतान बीसीसीआई से करा दे । इसके लिए करीब 300 खिलाड़ियों का परिवार सदैव आपका अभारी रहेगा तथा दिल से आपको दुआ देगा । साथ ही साथ बीसीसीआई को निर्देश जारी करे कि बिहार क्रिकेट संघ के उपर लगे आरोप की जॉच एवं 11 करोड़ रुपए के दुरूपयोग की भी जाँच करा दे ।